लेखनी कहानी -01-Jul-2022
विषय :- वर्षा ऋतु की बात ⛱⛱⛱⛱
रात को यूँ ही ,हलचल सी हुई ।कुछ जागे ,कुछ भागे ।।
दिन में फिर से, सन्नाटा छाया ।
रात में फिर वही हलचल हुई ।।
कुछ समझ में न आया ,
आखिर हुआ क्या? 🤔
पर मैं तो न उठा , न ही जागा ।
सब चले गये ,मैं अकेला ही रह गया ।।
आखिर में , समझ में ,आ ही गया ।
कि, वर्षा ऋतु में ,वर्षा हो गई।।
सब सो रहे थे , बाहर इसलिए दौड़ पड़े ।
पर मैंने बिस्तर डाला था, घर में
इसलिए ,मैं पड़ा रहा ।।
ये है कुछ सन्नाटो, कुछ उजियारो की बात ।
दिन में सन्नाटा छाया था ,क्योंकि
सूरज देवता ने अपना डेरा डाला था ।।
● रबिना विश्वकर्मा
Raziya bano
02-Jul-2022 09:42 AM
Bahut khub
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Seema Priyadarshini sahay
01-Jul-2022 10:14 PM
बहुत खूबसूरत
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Alfia alima
01-Jul-2022 06:49 PM
👌👌👌👌
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